नवीन कुमार यादव:- अंतरिक्ष से आ रहा एस्टेरॉयड 1998 OR2 धरती के बगल से गुजर गया. इससे पृथ्वी को कोई खतरा नहीं था, क्योंकि यह धरती के करीब 63 लाख किलोमीटर दूर से गुजरा है. इसके पहले ये एस्टोरॉयड 12 मार्च 2009 को 2.68 करोड़ किलोमीटर की दूरी से गुजरा था. अब धरती के लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. क्योंकि इसके गुजरने के साथ ही दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने चैन की सांस ली है. हांलाकि, इस पर अध्ययन जारी रहेगा.
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एस्टेरॉयड 1998 OR2 अब 11 साल बाद फिर धरती के करीब से गुजरेगा लेकिन उसकी दूरी 1.90 करोड़ किलोमीटर होगी. आपको बता दें कि यह हर 11 साल पर धरती के आसपास से गुजर जाता है. 2031 के बाद 2042, फिर 2068 और उसके बाद 2079 में यह धरती के बगल से निकलेगा. (फोटोः नासा)
नवीन कुमार यादव~ पूर्णिया यूनिवर्सिटी के VC डॉ राजेश सिंह ने मंगलवार को FB लाइव के माध्यम से बच्चों को ऑनलाइन स्टडी के बारे में बताया |
बताते हुए उन्होंने छात्रो को कई दिशा निर्देश भी दिए राजेश सिंह ने बताया की छात्र अगर विडियो लेक्चर से पढ़ना चाहते है तो वो पूर्णिया यूनिवर्सिटी के वेबसाइट पर पढ़ सकते है जिनका लिंक https://www.purneauniversity.ac.in/ है |
बिहार में शनिवार को एक और कोरोना संक्रमित महिला का पता चला। इसके साथ राज्य में अभी तक मिले कोरोना पॉजिटिव मामलों का आंकड़ा 86 हो गया है। इनमें दो की मौत हो चुकी है। बीते चार दिनों की बात करें तो बुधवार से शनिवार तक बिहार में कोरोना के 20 नए मामले मिल चुके हैं। राहत की बात यह है कि बिहार के कुल 86 कोरोना मरीजों में 42 स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।
पटना में मिला कोरोना का नया मामला
बिहार में शनिवार को एक और कोरोना मरीज की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। यह 32 साल की पटना के खाजपुरा मोहल्ले की एक महिला मरीज है। उसका इलाज पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में चल रहा है। संक्रमित महिला की ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। महिला का पति एटीएम कैशवैन का चालक है। उसे कहां से संक्रमण लगा, इसका पता नहीं लग सका है। इसके पहले वैशाली के उस कोरोना मरीज के संक्रमण स्रोत का भी पता नहीं चल सका था, जिसकी शुक्रवार को मौत हो गई।
पटना के लंबे समय के बाद कोरोना का मामला समाने आया है। इसके बाद मरीज के घर के तीन किमी के दायरे को सील कर दिया गया है।
शुक्रवार को मिले थे दो नए मरीज
इसके पहले शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने दो कोरोना पॉजिटिव की पहचान की जानकारी दी। इनमें एक व्यक्ति नालंदा के बिहारशरीफ का तो दूसरा बेगूसराय का है। नालंदा से मिला 17 साल का कोरोना पॉजिटिव किशोर बुधवार को मिले कोरोना पॉजिटिव मरीज का भतीजा है। बेगूसराय के जिस 42 साल के पुरुष की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, वह मंसूरचक का रहने वाला है। वह कोरोना प्रभावित के संपर्क में आया था।
नवीन कुमार यादव: बिहार में फैले कोरोना संक्रमण के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक 20 अप्रैल से बिहार में सरकारी दफ्तर खुल जायेंगे. विभाग की ओर से एक गाइडलाइन भी जारी किया गया है. जिसमें पांच बड़ी बातें कही गई हैं.
इस बात की जानकारी भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के जरिये हुआ है. जिसके अनुसार 20 अप्रैल से सभी सरकारी कार्यालयों को खोला जाएगा लेकिन कुछ शर्तों के साथ.
बिहार के साथ- साथ यूपी में भी योगी सरकार ने एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया है कि पुलिस होम गार्ड, सिविल डिफेंस,अग्निशमन, आवश्यक सेवाएं आपदा प्रबंधन, कारागार और नगर निकाय पहले की तरह ही कार्य करेंगे. प्रदेश के सभी विभागाध्यक्ष, कार्यालय अध्यक्ष समूह क और ख के सभी अधिकारी कार्यालयों में रहेंगे.
एडवाइजरी में कहा गया है कि 33 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करवाने की व्यवस्था की जाए. रोस्टर के जरिए कर्मचारियों को दफ्तर बुलाया जा सकता है. जिला प्रशासन, ट्रेजरी के कार्यों के लिए आवश्यकतानुसार कार्मिकों की शासकीय व्यवस्था करने को कहा गया है.
कोरोना मरीजों में हर आए दिन लगातार बढ़ोतरी हो रही है. बिहार में आंकड़ा 72 पहुंच चुका है. ऐसे में लोगों घर में रहने की जरुरत है. पीएम मोदी ने लॉक डाउन की अवधि 3 मई तक के लिए बढ़ा दी है. ऐसे में उन्होंने छूट देने की भी बात की है.
14 अप्रैल को जब लॉक डाउन की अवधि समाप्त हो रही थी, तो लोगों ने तमाम क्षेत्रों में छूट मिलने की मांग रखी, जहां कोरोना के संक्रमण नहीं पाए गए हैं. सोशल मीडिया पर ट्रेनों के परिचालन के भी अफवाहें उड़ी क्योंकि रेलवे की ओर से एडवांस में लाखों टिकटों की बुकिंग की गई. बिहार में अभी फिलहाल 11 जिलों में ही कोरोना का संक्रमण फैला है.
21 अप्रैल से कुछ खास इलाकों में छूट दी जा सकती है, जहां कोरोना का ख़तरा बिलकुल भी नहीं है. बिहार में ऐसे 27 जिले हैं. जहां एक भी मामला सामने नहीं आया है.
पुरापाषाणी स्थलों की खोज मुुंगेर और नालंदा से की गई है।
मध्यपाषाण स्थलों की खोज हजारीबाग, रांची, सिंहभूम तथा संथल परगना (सभी झारखुंड में) से की गई है।
नव पाषाण कलाकृतियों की खोज चिंराद और चेचर से की गई है।
बिहार क्षेत्र की सर्वप्रथम चर्चा शतपथ ब्राह्मण में मिलती है।
महावीर का जन्मस्थान कुण्डाग्राम (बिहार ) में है ।
अंग राज्य उल्लेख पहली बार अथर्ववेद में किया गया है। वर्तमान में इसमें खगरिया, भागलपुर तथा मुुंगेर शामिल हैं।
अंग राज्य की राजधानी चंपा (वर्तमान में भागलपुर) थी।
मेगास्थनीज का 315 ई . पू. में पाटलिपुत्र में ही आगमन हुआ था ।
आर्यभट्ट का सम्बन्ध भी पाटलिपुत्र नगर से है
लिछावी वंश की राजधानी वैशाली में स्थित थी।
बिहार में तुर्क शासन की स्थापना बख्तियार खिलजी ने की थी ।
भगवान महावीर का जन्म कुुंदाग्राम, वैशाली में हुआ था।
भगवान महावीर जनात्रिका वुंश से सम्बंधित थे। उनके पिता इस वुंश के प्रमुख थे।
बिहार में गोलघर का निर्माण गवर्नर जनरल लार्ड कार्नवालिस के समय में हुआ था ।
बिहार में ही पहली बार 1917 में चंपारण में गांधीजी का आगमन हुआ था।
विदेह वंश का उल्लेख पहली बार यजुर्वेद में किया गया है। राजा जनक की पुत्री देवी सीता इस वंश से सम्बंधित थी।
मिथिजनक विदेह ने मिथिला की स्थापना की।
मगध राज्य का उल्लेख पहली बार अथर्ववेद में किया गया है।
मगध राज्य की राजधानी गिरीवृज या राजगीर थी जो पांच पहाडों द्वारा सभी ओर से पहाडों से घिरीहुई थी। बाद में राजधानी को पाटली पुत्र स्थानांतरित कर दिया गया था।
हरयंका राजवंश ने अपनी राजधानी राजगीर में स्थापित की।
शिशुनाग के समय के दौरान मगध की दो राजधानियां राजगीर और वैशाली थी।
बिहार में खिलाफत आंदोलन प्रारम्भ 1919 हुआ था ।
बिहार में असहयोग आंदोलन का प्रारम्भ 1920 में हुआ था ।
बिहार में किसान सभा का गठन 1929 में हुआ था ।
पुण्यमित्र सुुंगा मौयव सशत्र बलों के कमांडर-इन-चीफ थे।
बिहार व उड़ीसा का विभाजन 1936 में हुआ था।
बंगाल के नबाब मीर कासिम ने मुंगेर को अपनी राजधानी बनाई थी ।
चौसा का युद्ध, 1539 ईसा पूर्व – शेर शाह ने हुमायूुं को हराया और सुल्तान-ए-आदिल का खिताब हासिल किया।
बिहार का अंतिम अफगान सुल्तान दाऊद खां कर्रानी था।
मुग़ल सम्राट शाह आलम द्वितीय ने ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाली बिहारी व उड़ीसा की दीवानी का अधिकार प्रदान किया था।
बक्सर का युद्ध- 22 अक्टूबर 1764 को हुआ।
बिहार सोशलिस्ट पार्टी की स्थापना जय प्रकाश नारायण ने 1934 में की थी।
गोलघर का निर्माण वर्ष 1786 में कप्तान जॉन गौरस्टिन ने किया था।
द्वितीय बौद्ध संगीति का आयोजन कालाशोक के शासन में किया गया था।
3 जुलाई, 1857 को, पटना में पुस्तक विक्रेता ‘पीर अली’ के तहत विद्रोह आरम्भ हुआ
पटना राजस्व परिषद् की स्थापना वर्ष 1770 में हुई जिसे बाद में वर्ष 1781 में बिहार राजस्व प्रमुख से प्रतिस्थापित कर दिया गया।
मेगास्थनीज के पुस्तक इंडिका में राजधानी पाटलिपुत्र के नगर प्रशासन एवं सैन्य प्रशासन की जानकारी मिलती है।
बिहार में तुर्क सत्ता की स्थापना 1198 में हुई थी ।
मगध की आरंभिक राजधानी राजगीर थी ।
प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर, बोध गया में स्थापित है ।
भगवन बुद्ध को ज्ञान प्राप्ति बोधगया में हुई थी ।
पटना युवक संघ की 1927 में स्थापना की गई
मोतिहारी में वर्ष 1928 में बिहार युवक संघ की स्थापना – ग्यान शाह
बिहार में होमरूल आंदोलन के संस्थापक मजहरुल हक़ थे ।
मौर्यकाल में सर्वाधिक प्रसिद्ध शिक्षा केंद्र तक्षशिला था ।
बिहार में चंपारण में गांधीजी ने अपना प्रथम सत्याग्रह किया था ।
बिहार सोशलिस्ट पार्टी की स्थापना वर्ष 1931 में गंगा शरण सिन्हा, राम वृक्ष बेनीपुरी और रामानदं मिश्रा ने की।
कुंवर सिंह 1857 की क्रांति में बिहार के नेता थे ।
पाटलिपुत्र में आयोजित तृतीय बौद्ध परिषद का संरक्षक अशोक थे।
चतुर्थ बौद्ध संगीति का आयोजन कनिष्क के समय में हुआ था।
बिहार भारत के पूर्व भाग में स्थित एक विशेष राज्य है, जो की ऐतिहसिक दृष्टिकोण से भारत का सबसे बड़ा केंद्र है, या फिर ऐसा कहना गलत नहीं होगा , की बिहार के बिना भारत अधुरा है। चिरांद, छपरा से ११ किलोमीटर स्थित, सारण जिला का सबसे महत्वपूर्ण पुरातत्व स्थल (2000 ईस्वी पूर्व) है।बौध धर्म के लोगो द्वारा यहाँ विहार करने के कारण इस राज्य का नाम बिहार पड़ा.इसी पावन भूमि पर महाबोधि मंदिर स्तिथ है। बिहार की पावन भूमि पर अनेकानेक संतो का जन्म हुआ, इसी पावन भूमि पर दुनिया के बहुत से हिस्सों में लोग पढना लिखना भी नहीं जानते थे, उस समय शिक्षा का सबसे बड़ा केंद्र नालंदा विश्वविध्यालय बिहार की राजधानी पाटलिपुत्र वर्तमान में पटना में स्थित था। बिहार के ही पावन भूमि पर ।सम्राट जरासंध ,अशोक, अजातशत्रु, बिम्बिसार और बहुत राजाओं का जन्म हुआ। आज़ाद भारत के प्रथम राष्टपति डॉक्टर राजेंद्र प्रशाद का जन्म भी बिहार में ही हुआ है, सिखो के दशवे गुरु गोविद सिंह का जन्म भी बिहार के राजधानी पटना में हुआ, आज भी भारत के सबसे ज्यादा आईएस बिहार से ही निकलते हैं, लेकिन लागातार विदेशीयों के आक्रमण और घटिया राजनीती के कारण बिहार भारत के सबसे गरीब और पिछड़े राज्यों में से एक हो गया है। विश्व में शिक्षा के केंद्र का गौरव प्राप्त करने वाले इस राज्य में साक्षरता दर अन्य राज्यों से कम हो गई है, और रोजगार न मिलने के कारण पलायन एक बहुत बड़ी समस्या बन चुका है।बिहार सबसे पुराने ज्ञात राज्यों में से एक है
Bihar finds mention in the Vedas, Puranas, epics, etc., and was the main scene of activities of Buddha, and 24 Jain Tirthankars. Great rulers of the State before the Christian era were Bimbisar, Udayin, who founded the city of Pataliputra. Chandragupta Maurya and Emperor Ashoka and Maurya dynasty, the Sungs and the Kanvas. Then came the Kushan rulers followed by Chandragupta Vikramaditya of the Gupta dynasty. Muslim rulers made in-roads into the territory during medieval period. The first conqueror of Bihar was Mohammed- bin-Bakhtiar Khalji. The Tughluqs and then the Mughals followed the Khaljis.
One of the major states of the Indian Union, Bihar is bounded on the north by Nepal, on the east by West Bengal, on west by Uttar Pradesh and on the south by Jharkhand. Bihar has a number of rivers, the most important of which is the Ganga. The other rivers are the Sone, Poonpoon, Falgu, Karmanasa, Durgawati, Kosi, Gandak, Ghaghara, etc.
Agriculture
Bihar has a total geographical area of about 93.60 lakh hectare, out of which only 55.54 lakh hectare is the net cultivated area with a gross cultivated area of 76.71 lakh hectare during 2008-09. The principal food crops are paddy, wheat, maize and pulses. Main cash crops are sugarcane, potato, tobacco, oilseeds, onion, chillies, jute and mesta. Bihar has notified forest area of 6.22 lakh hectare, which is 6.65 per cent of its geographical area.
Irrigation
Bihar has an irrigation potential of 28.73 lakh hectares. It is created through major and medium irrigation schemes and 48.97 lakh hectares through minor irrigation schemes.
Tourist Centres
Important places of tourist interest are Rajgir, Nalanda, Vaishali, Pawapuri (where Lord Mahavira breathed his last and attained Nirvana), Bodh Gaya, Vikramshila (ruins of Buddhist University of higher learning), Gaya, Patna (ancient city of Patliputra), Sasaram (tomb of Shershah Suri) and Madhubani (known for its famous Madhubani Paintings).
Mundeshwari Mandir (Kaimur), Rohtras Garh Fort (Rohtas), Jain Pilgrim Place, Kundalpur (Nalanda), Bihar School of Yoga (Munger), Manersharif Patna, Rural Tourist Place Nepura (Nalanda), Kesaria Stupa (East Champaran), Barabar Hills (Jehanabad) and Lauria Nandangarh are also important tourist places.
बिहार में अभी तक कोरोना मरीजों की संख्या 60 हो गयी है लगभग 16 जंग जीत चुकें है वही अभी तक 1 की मौत हो चुकी है l जबकि अन्य अभी भी कोरोना से जंग लड़ रहे हैं lकोरोना
एकाएक जमाती की भीड़ ने देश के साथ गद्दारी किया जिसे आज पूरा देश भुगत रहा हैंl
जब पूरी दुनियां लॉक डाउन में जी रहीं हैं तो कुछ ग़द्दार मौलाना ने देश को बर्बाद करना चाहा लेकिन वो भारत में कभी सफल नहीं हो सकता l
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